तेरे प्यार का दीवाना हो गया।।


       किसी ना किसी पे किसी को एतबार हो जाता है;
            अजनाबी कोई शक्स यार हो जाता है;

           ख़ूबियों से नही होती मोहब्बत सदा; 
         ख़ामियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है!

..इश्क़ वो नहीं जो देखते से हो जाए, इश्क़ वो नहीं जो देखते से हो जाए।   इश्क़ तो वो है...जो जब हो तो कोई वक़्त और वजह का पता भी न चल पाए।
                  इश्क़ का तो पता नहीं पर जो तुमसे है वो किसी और से नहीं। .....सब कहते है सच्ची मोहब्बत में दूरियां नही आती।पर मेरा मानना है जो दुर रह कर भी सच्ची रहे वही तो मोहब्बत है,कुछ ऐसा ही विश्वास हमदोनो ही रखते थे,कुछ मजबूरियाँ थी इसलिए दोनों दूर रहते थे।मगर ये  दुरी महज़ जो ग्राफिकल थी,दिल से और social media से हम दोनों हमेसा  ही एक-दूसरे के करीब थे,दूर रहना मुश्किल था इसलिए virtual मुलाकातें होती थी दिन में दोनों बिजी रहते थे पर रात में अक्सर messanger पर देर रात तक बात होती थी वो पूछते थे मुझसे की क्या खाया,क्या किया सारा दिन।और मैं भी कुछ ऐसी ही सवाल किया करता था। हमदोनो अक्सर  बातें करते करते ही सो जाया करते थे। दूर होकर भी कितने करीब थे हम और करीब होकर भी कितने दूर । वो अक्सर  पूछती थी मुझसे की मिलना है तुमसे,तुम कब आओगे। उसके सवाल की प्रतिध्वनि  सदा ही अधूरी रहती थी,पर सवाल बिन उसकी बातें भी कहाँ पूरी होती थी। वह अक्सर रात में 'BYE नींद आ रही है' बोलकर सोने जाना चाहती थी और बातों ही बातों में कब सुबह के 4 बज जाया करते किसी को कुछ मालूम न पड़ते थे।
              मेरी हर-एक पुरानी से पुरानी बातों को वो याद रखती और मेरे हर छोटे-छोटे गलती पर वो रुठ कर प्यार से समझती , वो करती  है care इतना की मैं खुद का नही करता, कभी-कभी बात करने के लिए ज्यादा कुछ नही होता तो खामोशियाँ भी रंग लाती थी और कभी इतना कुछ रहता था कि समय भी कम पड़ जाया करती थी।

            दीवानगी में कुछ ऐसा कर जाएँगे
           मोहब्बत की सारी हदें पार कर जायेंगे
            वादा है तुमसे दिल बनकर तुम धड़कोगे
               और साँस बनकर हम आएंगे।    

         
  *** वो मेरी हररोज़ की डेली लाइफ से updated रहा करती थी,कब कहाँ किससे मिले सबालों पर सबाल खड़ा कर देती थी और हर रात सोने से पहले *I MISS YOU* का टैग लगा दिया करती थी। हम हज़ारों किलोमीटर दूर थे पर कभी दिल को ये महसूस नहीं हुआ की हम दूर हैं। अब तो मेरी हर-एक पोस्ट पर बस उसके ही चर्चे हुआ करते हैं, लोग कहते हैं कि मैं पगला गया हूँ ये सुनकर मैं बस मुस्कुरा दिया करता हूँ।

कैसे कहूँ की अब तेरी आदत सी हो गई है।

          मैं बात-बात पर उसका मज़ाक़ बना दिया करता था और वो हर मज़ाक़ पर प्यार की बरसात कराकर उनकी यादों में खोने को मजबूर कर दिया करती थी।
लोग कहते हैं,
               प्यार.... मोहब्बत...आशिक़ी... सिर्फ लफ़्ज़ों के सिवा कुछ नहीं,पर जब मुझे वो मिली इन लफ़्ज़ों को मायने मिल गया।


                        💖💖💖💖💖 

             मैं नहीं जानता की उसकी लाइफ में
               मेरी क्या Importance है
                     But I Hope ki
          जब मैं मरुँ तो उसकी आँखों में आँशु हो
        और वो कहे उठ न पगले मज़ाक मत कर

             
***DEVRAJ***


Comments

Popular posts from this blog

तन्हाई भरी यादें