हाँ वो मेरी Girlfriend कहलाती है..

वो करती है मेरी इतनी Care जितनी मैं खुद की भी नही करता , वो कुछ ऐसी care करती है जैसे मानो मैं कोई छोटा बच्चा हूँ , तुम न अपना बिलकुल ख्याल नहीं रखते हो अक्सर इसी बात पर वो लड़ती रहती है मुझसे, रोज़ कहती है time पर खाना खाया करो, इतना समझाती हूँ समझ जाया करो। मैं बोलता हूं कल से पक्का और वो कल आ नही पाता और मैं सुधर नहीं पाता। कितना अच्छा लगता है जब कोई कहती है अपना ख्याल रखना मेरे लिए । 

                          कभी कभी तो गुस्सा आता है कि क्या इसके अलावा कुछ और बात करने को नहीं , पर दिल कहता है कोई तो है जो की इतना ख्याल रखती है , कोई तो है जो तुझे और सिर्फ तुझे ही याद करती है। वो हरदिन की कहानी मुझसे Share करती है , और जलती है जब मैं उसके सामने किसी और लड़की से बात करूँ। किसी और लड़की की जरा सी तारीफ पर भड़क जाती है तुरंत, किसी की आँखों में खुद के लिए इतना प्यार देख आँखें भर आती है मेरी... हाँ वो  GIRLFRIEND कहलाती है मेरी..।

                         आ जाती है मुझे नींद कभी-कभी रातों में और मैं बातें करते करते सो जाया करता हूँ, पर जब उसे नींद आती है तो मेरे एक बार मना करने पर वो जगी की जगी रह जाती है... हाँ वो मेरी girlfriend कहलाती है।नाराज़ भी होती है गुस्सा भी करती है पर इनसब में उसका प्यार  बेसमहार छुपा होता है। कहती है तेरी life है तू जो कर, पर जब मैं किसी और लड़की से जरा सी बात तक करने का नाम जो ले लूँ, वो खुद को मेरी लाइफ बताती है। रो जाती है अक्सर जब भी मैं उसे जरा सा भी ignore करता हूँ , रहती है कितनी भी मुश्किलें पर मेरे लिए time manage करती है।
                          मुझे याद है वो दिन जब वो मेरे कारण 2दिन लगातार जगे रह गयी थी एक पल भी न आँखें मटकी थी। एक दिन भी अगर बात न हो तो 1 ज़माना सा लगता है, भीड़ में भी तनहाइयों सी लगती है...हाँ वो मेरी Girlfriend कहलाती है । उसकी हर एक बात मैं दिन में दोहराता हूँ और उसके किये गए messages मैं बार-बार पढ़कर मुस्कुराता हूँ।कभी-कभी वो मेरी गलतियों से नाराज़ भी हो जाती है और कभी न बात करने की बात कह जाती है उसकी ये बातें सुनकर दिमाग सुन्न और दिल शांत सा बैठ जाता है पर बस कुछ ही छन में उसका फिर से reply आ जाती है... हाँ वो मेरी Girlfriend कहलाती है। उसकी speciality की क्या तारीफ करूँ,उसके तो रोम-रोम में speciality छायी है, मेरे अल्फाज़ भी नाराज़ है मुझसे मैं वो लिख नहीं पा रहा हूँ, जो महसूस कर रहा हूँ।

    "रब से तुम्हारी खुशियाँ मांगते हैं                 दुआओं में तुम्हारी हँसी मांगते हैं                     सोचता हूँ तुमसे क्या माँगू  

चलो तुमसे उम्र भर की मोहब्बत मांगते हैं।"

              

                    💖 DEVRAJ💖

जिस प्यार को मैं बचपन में बस एक जरूरत समझता था उसका सही मायने में मतलब आज पता चला, यूँ ही नहीं साहजहाँ ने मुमताज के लिए Tajmahal बनवाये थे।

         सुना है तनहाइयों में लोग अक्सर मायूस रहते हैं और मुस्कुराते बस वही हैं जिन्हें प्यार होता है, अकेलेपन में भी खुद को अकेलापन न महसूस करना, उसकी यादों में खो कर मुस्कुराना सही मायने में यही तो प्यार है। वो कहती थी मुझसे की कभी अकेला नही छोड़ूंगी अब जाकर पता चला की उसकी यादें तो हमेशा मेरे साथ रहती है... हाँ वो मेरी Girlfriend कहलाती है।
                तू ही है वो जिसने मुझे बताया कि मैं हूँ कितना ख़ास,  खुशियों से झूम उठता हूँ जब तू होती है मेरे पास,  तू कभी न छोड़ेगी अकेला मुझे तुझपर है पूरा विश्वास, मेरे जीवन में तूने ही दी मुझे ज़ीने की आस, बस अब तो चलती है तेरी ही नाम से मेरी हर सांस।



Comments

Popular posts from this blog

तन्हाई भरी यादें